चिन्मय विद्यालय में 11 वी के विद्यार्थियों का हुआ स्वागत

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बोकारो: चिन्मय विद्यालय के तपोवन सभागार में नये सत्र के ग्यारहवीं के छात्रों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सभी नवआवगंतुक छात्रों को विद्यालय के विभिन्न पहलुओं और विद्यालय के क्रियाकलापों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि स्वामिनी संयुक्तानंद सरस्वती, आचार्या चिन्मय मिशन एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया।

प्रांजल प्रसून को किया गया स्वागत

इस के बाद विद्यालय की तरफ से नीट-मेडिकल झारखंड टॉपर प्रान्जल प्रसून्न एवं आई आई टी के बोकारो टॉपर ऋषभ रंजन को प्रशस्ति पत्र पुरस्कार धनराशि एवं उपहार भेंट किया। साथ ही इन छात्रों के अभिभावकों को शॉल प्रदान कर सम्मानित किया। इन दोनों टॉपरों ने अपने सफलता में विद्यालय के प्रबंधन एवं शिक्षकों के योगदान की भूरी-भरी प्रसंशा की। उन्होंने विद्यालय परिवार को अपनी सफलता का श्रेय देते हुए सभी का धन्यवाद किया।

बच्चो में नही है प्रतिभा की कमी

इस अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथी स्वामिनी संयुक्तानंद सरस्वती ने कहा कि यहाँ मौजूद सभी बच्चों में अपार समर्थ एवं प्रतिभा है। बच्चों को असफलता से निराश नहीं होना चाहिये अपितु सिख लेनी चाहिये और सोचना चाहिए कि भगवान ने उन्हें किसी दूसरे कारण हेतु भेजा है। उन्हें अपने अन्य विकल्पों को तलाशना एवं तराशना चाहिए। उन्हें हार कर नहीं बैठना चाहिए क्योंकि हिम्मत करने वाले कभी नहीं हारते।

देश भर में है बोकारो की पहचान

दूसरी ओर विद्यालय के अध्यक्ष बी मुखोपाध्याय ने कहा कि चिन्मय विद्यालय देश भर में एक अलग पहचान बनाने में सफल हुआ है। यहाँ हम न सिर्फ अच्छे छात्र-छात्राएं बल्कि अच्छे नागरिक तैयार करते हैं जो भविष्य के नायक हैं। जो भारत में बुनियादी विकास के कर्णधार होगें। उन्होंने कहा कि विद्यालय पूर्ण रुप से अभिभावकों की हर कसौटी पर खरा उतरने का प्रयास करेगा। उन्होंने चिन्मय विद्यालय के गौरवशाली इतिहास को बताते हुए यह उम्मीद जताई की आने वाला भविष्य और भी बेहतर होगा।
ऋषभ व प्रांजल ने बढ़ाया स्कूल का मान
वहीं अपने संबोधन में विद्यालय के सचिव महेश त्रिपाठी ने कहा कि विद्यालय चौतरफा विकास कर रहा हैं ऋषभ और प्रान्जल जैसे छात्र विद्यालय की चमक को और निखार रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन अपने प्रयासों से छात्रों को विश्व स्तरीय सुविधाओं देने की कोशिश कर रहा है। बच्चों एवं अभिभावकों को सम्बोधित करते हुए प्राचार्य डॉ अशोक सिंह ने कहा की अभिभावकों को अपने बच्चों के हर छोटी-बड़ी जरुरतों का ध्यान रखना चाहिये एवं हमेशा उनका मार्ग प्रशस्त करना चाहिये। बच्चों को स्मार्ट बनाने के लिये स्मार्ट फोन ना देकर उन्हें अच्छी पुस्तके एवं पाठ्य साम्रगी दे। बच्चे भविष्य के निधि है, वे कल के नागरिक है जो राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी देकर नये किर्तिमान स्थापित करेंगे।

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