पेंटिकॉस्टल की छात्रा रह चुकी सुनीता यूपीएससी में चयनित

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बोकारो: ‘‘जहाँ चाह, वहाँ राह ’’- इस मुहावरे को चरितार्थ किया है कुमारी सुनीता ने। देश की सर्वोच्च परीक्षा (यू0 पी0 एस0 सी0) जिसका स्वप्न देखने की भी इच्छा बहुत कम लोग कर पाते हैं, उस स्वप्न को कुमारी सुनीता ने सच कर दिया है और इसका श्रेय उसकी दृढ़ इच्छा-शक्ति, लगन, आत्मविश्वास और उसका जुनून ही है। हौंसलों की उड़ान को उसने अपनी मेहनत रूपी पंखों से इस परीक्षा में 269वाँ स्थान प्राप्त किया है।
वर्ष 2008 में स्कूल से उतीर्ण हुई थी 
वर्ष 2008 में कुमारी सुनीता ‘‘दी पेन्टीकॉस्टल एसेम्बली स्कूल’’ से उत्तीर्ण हुई। एक विद्यार्थी के रूप में मेधावी, अनुशासनप्रिय और अपने इरादों पर अटल रहने वाली छात्रा के रूप् में उनकी छवि आज भी विद्यालय के शिक्षकों के बीच है। अपनी योग्यता और मज़बूत इरादों की वजह से वह ‘पीस हाउस’ की कैप्टन भी रह चुकी हैं। विद्यालय के निदेशक रेवरेन्ड डॉ0 डी0 एन0 प्रसाद और प्राचार्य रीता प्रसाद के लिए यह खबर निश्चित रूप से फक्र करने और गौरवान्वित महसूस कराने वाला है कि उनके अपने किसी विद्यार्थी द्वारा यह परीक्षा उत्तीर्ण की गई है।

सुनीता ने किया स्कूल का नाम रोशन

सुनीता ने न केवल अपने परिवार, शहर, शिक्षकों का नाम रौशन किया बल्कि इस विद्यालय ‘‘दी पेन्टीकॉस्टल एसेम्बली स्कूल’’ का नाम शीर्ष स्थान पर पहुँचा दिया है। इस अनोखी प्रतिभा की धनी कुमारी सुनीता एक मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखती है। पिता हरिपद माहथा और माता शोभा देवी अपनी इस खुशी को बाँटने के लिए 28.04.2018 को विद्यालय पहुँचे और अपनी बेटी की सफलता का श्रेय विद्यालय के निदेशक और प्राचार्य को देते हुए कहा कि सुनीता न केवल उनकी बेटी है बल्कि वह इस विद्यालय की भी बेटी है जिसकी सफलता में दी पेन्टीकॉस्टल एसेम्बली विद्यालय परिवार के तमाम शिक्षकों का योगदान है।

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