सेल को वित् वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में 816 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ

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सेल चौथी तिमाही में बेहतर परिणाम के साथ वृद्धि की ओर अग्रसर

नई दिल्ली: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही समेत वित्त वर्ष 2017-18  के वार्षिक वित्तीय परिणाम की आज घोषणा की। सेल ने वित्त वर्ष 2017-18 की तीसरी तिमाही में हासिल किए गए लाभ में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी करते हुए सकारात्मक निष्पादन दर्ज किया और चौथी तिमाही में 816 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हासिल किया। यह लाभ भारत सरकार द्वारा हाल ही में अनुमोदित बढ़ी हुई ग्रेज्युटी के लिए 582 करोड़ रुपये का प्रावधान करने के बाद दर्ज किया गया है। यह वित्तीय परिणाम सेल प्रबंधन के समेकित प्रयासों का प्रतिफल है। वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में सेल के पांचों  एकीकृत इस्पात संयंत्रों ने भी लाभ दर्ज किया है। प्रबंधन ने न केवल नई मिलों के स्थिरीकरण पर ज़ोर दिया बल्कि उत्पादन में तेजी लाने की रणनीति पर लगातार काम किया है। इसके साथ ही उत्पादन, ग्राहकों तक उत्पादों की पहुंच बढ़ाने और मार्केटिंग रणनीति के एकीकरण के जरिये अपनी बाज़ार पहुंच का विस्तार किया है। कंपनी को इस मजबूत स्थिति में लाने में नए उत्पादों को सीधे उपभोगकर्ताओं के बीच ले जाने की रणनीति ने बहुत अधिक सहायता की है।
कंपनी ने चौथी तिमाही में कुल 16,811 करोड़ रुपए का शुद्ध कारोबार किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुक़ाबले 34% अधिक है।

पिछले वर्ष से 8.4 प्रतिशत अधिक हुई बिक्री

सेल ने Q4-FY18 में 2624 करोड़ रुपए की ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन पूर्व आय हासिल की है जो Q4-FY17 की तुलना में एक भारी वृद्धि है और पिछली 27 तिमाहियों में सर्वाधिक है। Q4-FY18 में प्रति टन विक्रेय 7020 रुपया रहा। वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही (Q4-FY18) में 37.38 लाख टन कुल विक्रय दर्ज किया गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुक़ाबले 8.4% अधिक है।

घाटे में कमी आई है

वित्त वर्ष 2017-18 में घाटे में 83% की कमी आई है, जिससे कर पश्चात लाभ वित्त वर्ष 2016-17 के (-) 2833 करोड़ रुपए से घटकर वित्त वर्ष 2017-18 में (-) 482 करोड़ रुपए हो गया है। कंपनी का वित्त वर्ष 2017-18 के लिए समेकित घाटा (-) 281 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान (-) 2756 रुपये था। बेहतर प्रचालन लाभप्रदता हासिल करने की दिशा में सेल के अथक रणनीतिक प्रयास ने EBITDA को सकारात्मक बनाए रखने में मदद की, और 5184 करोड़ रुपया EBITDA दर्ज किया गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2017-18 (FY18) में 140.8 लाख टन का सर्वाधिक विक्रय दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुक़ाबले 7.4% अधिक है।

40 लाख टन कच्चे इस्पात का हुआ उत्पादन 

सेल ने अब तक का सर्वाधिक तिमाही उत्पादन दर्ज करते हुए Q4-FY18 में 40 लाख टन कच्चे इस्पात का उत्पादन किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुक़ाबले 6% अधिक है। इसी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक तिमाही कंटिन्यूअस कास्टिंग उत्पादन 34.06 लाख टन दर्ज किया गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुक़ाबले 8% अधिक है। तिमाही के दौरान अब तक की सर्वश्रेष्ठ कोक दर दर्ज की गई, जिसमें पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुक़ाबले 3% सुधार हुआ है। इसके साथ ही पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुक़ाबले ब्लास्ट फर्नेस उत्पादकता में 4% की बढ़ोत्तरी हुई है। यही नहीं इस तिमाही में विशिष्ट ऊर्जा खपत 6.38 गीगा कैलोरी/टन कच्चा इस्पात रही, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुक़ाबले 2% कम है।

सभी का रहा सहयोग 

इस अवसर पर, सेल अध्यक्ष पीके सिंह ने कहा कि यह सफलता सेल कार्मिकों के सामूहिक और टीम भावना से किए गए कार्य, हर प्रक्रिया के एकीकरण और विश्वस्तरीय इस्पात के साथ ग्राहक सेवा पर विशेष ध्यान देने से हासिल हुई है। आगे उन्होंने कहा, “सेल ने अपना आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण लगभग पूरा कर लिया है और आज की जरूरतों के अनुरूप मूल्यवर्धित उत्पादों की एक पूरी श्रृंखला के साथ तैयार है। सरकार की घरेलू इस्पात खपत बढ़ाने की पहल और बढ़ती निर्माण जरूरतों के चलते घरेलू बाज़ार में इस्पात खपत में वृद्धि की बहुत अच्छी संभावना है। निर्माणाधीन और आने वाली बड़ी आधारभूत संरचना निर्माण परियोजनाओं के चलते इस्पात खपत में भारी वृद्धि होने वाली है।

नई मिलों से हो रहा अच्छा उत्पादन 

सिंह ने कहा कि सेल अपनी नई मिलों से हर सेगमेंट के लिए बाज़ार में उत्पाद उतार रही है और सेल की नई मार्केटिंग पहल न केवल नए बाज़ार की तलाश कर रही है बल्कि देश के दूर-दराज इलाकों में रहने वाले लोगों तक अपनी पहुँच बढ़ा रही है और उनको इस्पात उपयोग के लाभों के बारे में जागरूक कर रही है। यह कंपनी को राष्ट्रीय इस्पात नीति में प्रस्तावित लक्ष्यों की दिशा में सक्रिय योगदान करने में मदद करेगा। उन्होंने आगे कहा, “सेल की नई उत्पाद श्रृंखला बड़ी परियोजनाओं के साथ-साथ खुदरा और ग्रामीण इस्पात जरूरतों को पूरा करने के लिए उपयुक्त है। कंपनी विकास पथ पर आगे बढ़ने और इस्पात की जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।”

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