प्रधानमंत्री ने सेल के आधुनिकीकृत भिलाई संयंत्र को किया देश को समर्पित

0
1391

बोकारो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के  भिलाई में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के आधुनिकीकृत और विस्तारित भिलाई इस्पात संयंत्र को एक समारोह के दौरान राष्ट्र को समर्पित किया। देश को सेल के इस संयंत्र के ऐतिहासिक समर्पण के साथ ही, सेल ने न केवल अपने आधुनिकरण और विस्तारीकरण को पूरा कर लिया है बल्कि विक्रेय इस्पात उत्पादन की क्षमता में बड़ी छलांग लगाते हुए 210 लाख टन प्रति वर्ष की ऊंचाई को हासिल किया है। इस समारोह के दौरान केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय दूरसंचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

देश को समर्पित है यह प्लांट
आधुनिक संयंत्र को देश को समर्पित करने से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भिलाई संयंत्र का दौरा किया और नई तथा विस्तारित इस्पात उत्पादन सुविधाओं का अवलोकन किया। संयंत्र के विजिट के दौरान इस्पात सचिव, डॉ. अरुणा शर्मा, ओएसडी, स्टील बिनॉय कुमार, सेल अध्यक्ष पी के सिंह और भिलाई इस्पात संयंत्र के सीईओ एम रवि भी उपस्थित थे। इस अवसर पर भिलाई की सभा को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज यहाँ आने से पहले मैं भिलाई स्टील प्लांट गया था, 18000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करके इस प्लांट को और अधिक आधुनिक तकनीक और क्षमता से लैस किया गया है।


पीएम ने कहा यह मेरा सौभाग्य
यह मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे इस आधुनिकीकृत और विस्तारित इस्पात संयंत्र के लोकार्पण का अवसर मिला है। यह देश के बहुत कम लोगों को पता होगा कि कच्छ से कटक और कारगिल से कन्याकुमारी तक आज़ादी के बाद जो भी रेल की पटरियां बिछी हैं उनमें अधिकतर इसी धरती से आप ही के पसीने के प्रसाद के रूप में पहुंची हैं। निश्चित रूप से भिलाई ने सिर्फ स्टील ही नहीं बनाया है बल्कि भिलाई ने जिंदगियां भी संवारी है, समाज को सजाया है और देश को भी बनाया है। हम न्यू इंडिया की बुनियाद को भी स्टील जैसा मजबूत करने का काम करेंगे। भिलाई और दुर्ग में तो आपने खुद अनुभव किया है कि कैसे स्टील प्लांट लगाने के बाद यहाँ की तस्वीर ही बदल गई।
छत्तीसगढ़ को गति प्रदान करने में अहम भूमिका
छत्तीसगढ़ की प्रगति को गति देने में यहाँ के स्टील सेक्टर और लौह अयस्क के खनन ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।” आधुनिकीकृत और विस्तारित भिलाई इस्पात संयंत्र 18,800 करोड़ रुपया के निवेश तैयार हुआ है, जिसके बाद संयंत्र की हॉट मेटल उत्पादन क्षमता पहले के 47 लाख टन प्रति वर्ष से बढ़कर 75 लाख टन प्रति वर्ष हो गई है। भिलाई संयंत्र की यह क्षमता सेल के सभी संयंत्रों में सबसे अधिक है। भिलाई संयंत्र के नए ब्लास्ट फर्नेस – 8 “महामाया” की अकेले की उत्पादन क्षमता 28 लाख टन है। यही नहीं भिलाई में हाल ही में चालू हुई नई स्टील मेल्टिंग शॉप – 3 से उत्पादन शुरू होने के साथ क्रूड स्टील उत्पादन क्षमता 39 लाख टन प्रतिवर्ष से बढ़कर 70 लाख टन प्रतिवर्ष हो गई है।
सेल की उत्पादन क्षमता बढ़ गई
इसके साथ ही नई बार और रॉड मिल की क्षमता 10 लाख टन प्रतिवर्ष से बढ़कर 20 लाख टन प्रतिवर्ष हो गई है। इसके अलावा सेल-भिलाई की नई यूनिवर्सल रेल मिल के आने के बाद सेल की रेल उत्पादन क्षमता 8 लाख टन प्रतिवर्ष से बढ़कर 20 लाख टन प्रतिवर्ष हो गई है। आधुनिकरण के दौरान अत्याधुनिक और नए दौर की तकनीक के इस्तेमाल से स्थापित यह नया संयंत्र बेहतरउत्पादकता, अधिक गुणवत्ता, किफ़ायती लागत, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करेगा।

जरूरतों के मुताबिक बन रहे नए उत्पाद
भिलाई में आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण से आज के दौर की जरूरतों के मुताबिक नए उत्पादों जैसे मेट्रो और डेडीकेटेड फ्रेड कॉरीडोर के लिए हेड हार्डेंड रेल की आपूर्ति से अर्थव्यवस्था को गति देने में सहायता मिलेगी।केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह ने इस अवसर पर कहा, “भिलाई के आधुनिकीकृत इस्पात संयंत्र से न केवल सेल का इस्पात उत्पादन बढ़ेगा बल्कि यह सेल के आधुनिकीकरणके सफलतापूर्वक पूरे होने का ऐतिहासिक गवाह बना है।” आगे उन्होंने कहा कि यह विस्तारीकरण राष्ट्रीय इस्पात नीति के अनुमानित लक्ष्य 3000 लाख टन इस्पात उत्पादनक्षमता के विज़न को हासिल करने में मदद करेगा। उन्होंने सेल-भिलाई की एक बार फिर से सराहना करते हुए कहा, “इस संयंत्र द्वारा 130 मीटर का उत्पादित किया जा रहा सिंगल पीस रेल दुनिया का सबसे लंबा रेल है। ”
इस अवसर पर बोलते हुए, छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री  रमन सिंह ने कहा, “”भिलाई स्टील प्लांट के ब्लास्ट फर्नेसेज पिछले 60 साल से लगातार इस्पात उत्पादन में लगे हुए हैं और इसके पीछे भिलाई संयंत्र के कार्मिकों का अथक परिश्रम सराहनीय है।”
इस्पात की जरूरतों को पूरा करने को तैयार
सेल, अपनी बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता और उत्पादों की विश्वस्तरीय नई श्रृंखला देश की बढ़ती इस्पात जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है। वर्तमान बाजार आवश्यकताओं के अनुसार डिजाइन की गई नई उत्पाद श्रृंखला प्रत्येक क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करेगी और कंपनी की नई मार्केटिंग नीति सेल के ग्राहक आधार को बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here