बोकारो इस्पात का 2017-18 में बेहतरीन प्रदर्शन

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बोकारो: वित वर्ष 2017-18 बोकारो इस्पात संयंत्र के लिए रूपांतरण का वर्ष रहा। सीईओ पवन कुमार सिंह के नेतृत्व में उत्पादन के अनेक आँकड़ों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करने के साथ ही उत्पादकता, तक्नो आर्थिक सूचकांक, लाभप्रदत्ता आदि सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सुधार किए गए।

स्टील मेल्टिंग शॉप-2 में 32.76 लाख टन के सर्वाधिक सालाना क्रूड स्टील के उत्पादन के साथ ही क्रूड स्टील उत्पादन में अनेक दैनिक एवं मासिक रिकॉर्ड कायम हुए। एक दिन में क्रमशः 45 एवं 43 हीट के सर्वाधिक दैनिक उत्पादन का कीर्तिमान कन्टीन्यूअस कास्टिंग शॉप एवं एसएमएस-2 द्वारा स्थापित किया गया।

ब्लास्ट फर्नेस 4 में कार्य शुरू 

अगस्त माह में 4 ब्लास्ट फर्नेस का पुनः सफलतापूर्वक संचालन शुरू किया गया जिससे संयंत्र को उत्पादन के विभिन्न लक्ष्यों तक पहुंचने में सफलता मिली। हॉट मेटल उत्पादन के लिए सिंटर की आपूर्ति करने वाले सिंटर प्लान्ट ने भी 56.07 लाख टन सिंटर का उत्पादन कर पिछले दस वर्षों के इसके पूर्व 50.62 लाख टन के सालाना निष्पादन से बेहतर कर दिखाया। वर्ष 2017-18 में विक्रेय इस्पात के उत्पादन भी दस वर्षों के बेहतरीन उत्पादन से आगे बढ़ कर 35 लाख टन विक्रेय इस्पात का उत्पादन दर्ज किया। परिचालन संबंधी अनेक बाधाओं के बावजूद हॉट स्ट्रिप मिल से 35.56 लाख टन एच आर क्वाइल का उत्पादन लक्ष्य हासिल किया गया जो कि दस वर्षों में श्रेष्ठ उत्पादन है।

रिकार्ड लाइन लाइफ में बेहतर परिचालन 

तक्नो-आर्थिक सूचकांक जैसे ब्लास्ट फर्नेस उत्पादकता, कोक रेट, ऊर्जा खपत, पानी की खपत, रिफ्रैक्टरीज़ की खपत आदि मानकों में भी संयंत्र के विभिन्न विभागों द्वारा बेहतरीन प्रदर्शन का मुनाफा वृद्धि में वृहत् योगदान रहा। एसएमएस-2 के कन्वर्टर-1 से 5796 हीट की रिकॉर्ड लाइनिंग लाइफ ने बेहतर परिचालन की ओर मार्ग प्रशस्त किया।

मेंटेनेंस में हुई समय की बचत

अनुरक्षण के क्षेत्र में भी समय की बचत तथा बेहतर प्रणाली पर विशेष बल दिया गया जिसके फलस्वरूप एसएमएस- 2 के कन्वर्टर-2 के शेल बदलने की प्रक्रिया को मात्र 36 दिन के रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया।

वित वर्ष की शुरूआत से ही योजनाबद्ध परियोजनाएं जैसे एसएमएस-2 के दोनो कन्वर्टर के लिए नए आइडी फैन की कमिशनिंग, हॉट स्ट्रिप मिल में नए री हीटिंग फर्नेस की शुरूआत, कोक ओवन एवं बाइ प्रोडक्ट प्लांट में सल्फ्यूरिक एसिड प्लांट की सुविधा, रिबिल्डिंग के बाद बैटरी संख्या -7 से उत्पादन का प्रारंभ इत्यादि के साथ इन विभागों की क्षमता मे वृद्धि भी हुई। संयंत्र में खपत होने वाले पानी के संरक्षण एवं जल प्रदूषण के रोक-थाम के दृष्टिकोण से 1 बी में वॉटर ट्रीटमेंट प्लान्ट की सुविधा की शुरूआत की गई जो कि झारखंड प्रदेश में इस स्तर की पहली बड़ी परियोजना है।

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